हत्यारे विजय के एनकाउंटर पर जनता ने पुलिस को सराहा

राहुल हरेंद्र सिंह की रिपोर्ट



लोगों ने कहा यही होना चाहिए अपराधियों का हस्र


दिवंगत काजल

गोरखपुर ब्यूरो। बांसगांव संदेश। गोरखपुर पुलिस ने काजल हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख के इनामी बदमाश विजय प्रजापति को शुक्रवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ पुलिस व स्वॉट की संयुक्त टीम के साथ गगहा इलाके में गोबरहिया पुलिया के पास हुई। शुक्रवार रात तकरीबन साढ़े 12 बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर विजय और उसका साथी किसी अपराध के प्रयास में इकौना-रकहट मार्ग से होकर गोबरहिया मोड़ के पास पहुंचे थे की पुलिस ने दोनों को घेर लिया, विजय ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में विजय को गोली लगी और घायल होकर गिर पड़ा। हालांकि उसका साथी भागने में सफल हो गया।विजय को इलाज के लिए पहले गगहा सीएचसी फिर जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस तरह हुआ विजय का एनकाउंटर : पुलिस ने मुखबिर की सूचना के अनुसार गगहा क्षेत्र के गोबरहिया मोड़ पर शुक्रवार रात 12:30 बजे फोर्स के साथ सड़क के दोनों तरफ छुपकर वाहन सवार विजय प्रजापति एवं उसके साथी का इंतजार करने लगे। जैसे ही इकौना-रकहट मार्ग से दोनों गोबरहिया मोड़ पर पहुंचे पुलिस ने दोनों को घेर लिया। विजय ने पुलिस को देखते ही अपने साथी से कहा
"गोली मारो, यह सब पुलिस वाले हैं।"
पुलिस ने दोनों को सरेंडर करने के लिए आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने। पुलिस टीम पर गोली चलाने लगे। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्यवाही में दोनों पर गोली चलाई। विजय प्रजापति गोली लगने से घायल हो गया। वही उसका साथी फरार होने में सफल रहा।
विजय द्वारा किए गए फायरिंग में दरोगा अमित चौधरी बाल बाल बचे। विजय द्वारा चलाए गए गोली दरोगा अमित चौधरी के बुलेट प्रूफ जैकेट पर जा लगी, जिस कारण अमित चौधरी की जान बच गई।

सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर करता था अपराध


विजय पर गोरखपुर, बाराबंकी और देहरादून में लगभग डेढ़ दर्जन केस दर्ज थे।उस पर हत्या, लूट, फिरौती जैसे जघन्य अपराधों का केस दर्ज था।वह गोरखपुर के अलावा एनसीआर क्षेत्र में भी सक्रिय था। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने उसके पास से एक बाइक, 2 पिस्टल समेत CBI और हरियाणा पुलिस की फर्जी आई कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक शहर से बाहर वह कभी पुलिस वाला तो कभी CBI का अधिकारी बनकर घूमता था और वारदातों को अंजाम देता था।

विजय का शव लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे रिश्तेदार-
शुक्रवार को विजय प्रजापति का चाचा रामप्रीत प्रजापति व उसके दोनों बहनोई तथा ससुर मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम के बाद उसका शव लेने के लिए मौजूद रहे।संभावना है कि राजघाट पर उसका अंतिम संस्कार करेंगे। विजय प्रजापति अपने मां बाप का अकेला बेटा था।उसकी दो बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है।



शुक्रवार की मध्यरात्रि विजय प्रजापति के संभावित ठिकाने पर जब पुलिस टीम पहुंची, विजय ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर भागने लगा जिसके बाद मुठभेड़ में विजय को गोली लग गई। पहले गगहा सीएचसी ले जाया गया जहां से उसे जिला अस्पताल गोरखपुर रेफर कर दिया गया‌ था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।विजय पर गोरखपुर, बाराबंकी और देहरादून में लगभग डेढ़ दर्जन केस दर्ज थे।उस पर हत्या, लूट, फिरौती जैसे जघन्य अपराधों का केस दर्ज था।

- विपिन टाड़ा, एसएसपी गोरखपुर



पिंडदान से पहले पुलिस ने हत्यारे का एनकाउंटर कर काजल की आत्मा को शांति प्रदान की है। जैसा उसने मेरी बेटी के साथ किया, पुलिस ने उसके साथ भी वैसा ही किया, मैं ख़ुश हूँ कि मेरी बेटी के हत्यारे को पुलिस ने सजा दे दी, पुलिस-प्रशासन को धन्यवाद। 

 राजीव नयन सिंह,काजल के पिता



 मेरी बच्ची अब नहीं आएगी लेकिन पुलिस ने हत्यारों को मारकर हमारे आत्मा को शांति प्रदान की है।मैं अपनी बेटी काजल को बचा नहीं पाई, इसका दुख पूरे जीवन रहेगा।

- सत्यवती सिंह, काजल की मां ने बिलखते हुए कहा



जुबान दिया गया था कि बहन के हत्यारे को मारा जायेगा आज वही हुआ बहन काजल के हत्यारे का एनकाउंटर हुआ। जनता और मीडिया को धन्यवाद। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह एवं एसएसपी विपिन टाड़ा सहित गोरखपुर पुलिस को धन्यवाद।

- वीरू सिंह करणी सेना



काजल सिंह हत्याकाण्ड के बाद से सभी ग्रामवासियो एवम पुलिस विभाग के लिये बिजय प्रजापति सिरदर्द बन गया था। गगहा पुलिस एव स्वाट टीम गोरखपुर की काफी मेहनत के बाद जो सफलता मिली है। उससे हम सभी  ग्रामवासी बहुत संतुष्ट है। गांव भी पुलिस के कार्यवाही से खुश है पुलिस विभाग की प्रसंशा हो रही है काजल के पिता ने भी पुलिस विभाग को दूरभाष से बधाई दिये है। अपराधी की कोई जाति नही होती है। अपराधी किसी के नही होते है। उनको कडी से कडी सजा मिलनी ही चाहिए।

-बबलू सिंह, भलुआन ग्रामवासी


21 अगस्त की रात काजल को मारी थी गोली - गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव निवासी राजीव नयन सिंह बांसगांव कचहरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनका विजय प्रजापति से रुपयों के लेन देने का विवाद था। 20 अगस्त की रात में विजय प्रजापति अपने साथी हरीश के साथ राजीव नयन सिंह के घर पहुंचे और उनकी पिटाई करने लगे। राजू नयन सिंह की बेटी काजल (17) पिता की पिटाई का वीडियो बनाने लगी। इस पर विजय प्रजापति ने काजल के पेट में गोली मार दी थी। 5 दिन जीवन मरण के बीच जूझने के बाद इलाज के दौरान काजल की मौत हो गई थी।

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