विकास की लौ से कोसो दूर पड़ा गोला ब्लॉक का ग्रामसभा गाजेगड़हा का महुआडाड़ टोला




गोलाबाजार गोरखपुर। बाँसगाँव सन्देश। गोला तहसील क्षेत्र के गोला ब्लॉक केअंतर्गत ग्राम पंचायत गाजेगढ़हा का राजस्व गांव महुआडाड़ आजादी के बाद से आज तक एक अदद पक्की या खड़ंजा सड़क का बाट जोह रहा है। इस गांव को जानेवाला मुख्य मार्ग आज भी कच्चा है और गड्ढ़ों में तब्दील हैं।



प्राप्त विवरण के अनुसार इस राजस्व गाव में लगभग तीस घरों की आबादी वाला महुआडाड़ टोला में सरकारी योजनाओं का लाभ शून्य के बराबर ही मिल पाया है। इस गांव पर जानेवाले दो मार्ग हैं। एक पड़ौली चौराहे से फायर व्रिगेड आफिस होते हुए जाती है। यह सड़क लगभग एक से डेढ किमी कच्ची सड़क है। इतना ही नहीं सड़क के दोनों तरफ घने कास और सरपत उगे हुए हैं। जिसमे विषैले जीव जंतू भी छिपे रहते है। जो पथिकों के लिए जान लेवा साबित होते है।दुसरी सड़क ककरही गाजेगड़हा पिच से चवरिया होते हुये एक खड़जा मार्ग जो आज से लगभग बीस वर्ष पूर्व विधायक निधि से बनवाया गया था। जिसका उसके बाद मरम्मत तक कोई जन प्रतिनिधि नही कराया। सबसे ज्यादा समस्या विद्यालय जानेवाले छात्र - छात्राओं को होती है जो जुलाई अगस्त और सितम्बर माह तक अपने युनिफार्म को मोड़ कर घुठने तक करते हैं और जुता और चप्पल को हाथ में लेकर यह कच्चा सफर तय करते हैं।गांव में एक मात्र इण्डिया मार्का हैण्डपम्प है वह भी गंदा पानी देता है। गांव का विद्युतीकरण अभी पांच वर्ष पुर्व हुआ है। गांव के नौनिहालों को दो किमी दूर स्थित गाजेगड़हा प्राथमिक विद्यालय पर या ककरही शिक्षा के लिए जाना पड़ता है। इस गांव में अभी तक कोई प्राथमिक पाठशाला तक नही है। 
गांव के  शैलेष शर्मा, नन्दू मौर्य, जयपाल यादव, अनिल प्रजापति, भीम सिंह, ब्रह्मदेव सिंह आदि कहते हैं कि आजादी के बाद हर गांव का विकास हुआ। बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा की व्यवस्था की गई। लेकिन हमारे गांव में बिजली तो आई, लेकिन बाकी मूलभूत सुविधाओं से आज तक यह गांव वंचित है।

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